खुले में काटकर बिक रहे तरबूज व पपीते

बीमारियों को दावत
*नहीं है कोई रोक-टोक

नालंदा (बिहार)हरनौत – मौसम का तापमान अपने चरम पर है। ऐसे में तरबूज, पपीता, खीरा, ककड़ी आदि के दुकान सज गये हैं। समाज के एक प्रबुद्ध वर्ग को छोड़ दें तो अधिकांशतः लोग कटा हुआ तरबूज और पपीता ही खरीदते हैं। इसके पीछे का कारण भले फल की गुणवत्ता हो। पर, लोग जानकर भी बीमारियों को दावत दे रहे हैं।
डॉ राजीव रंजन सिन्हा ने बताया कि गर्मी के दिन में शरीर में पानी की आवश्यक मात्रा बनाये रखने में ये फल काफी उपयोगी है। इनमें फाइबर की मात्रा भी अच्छी होती है, जिससे विपरीत मौसम में आपकी पाचन क्षमता सही रखती है। इनमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट वायरल रोगों के प्रति शरीर को लड़ने की क्षमता देता है। पर, यह तभी संभव है कि जब आप इसका सुरक्षित सेवन करें।
बाजार में तरबूज व पपीता आदि को कटवाकर खरीदने वालों की संख्या ज्यादा होती है। वह भी सुरक्षित तब है, जब वो ढंककर रखा जाय।
अन्यथा वर्तमान में बढ़ती गर्मी और कटे फल पर जमती गंदगी से खाने पर डायरिया व डिस्एंट्री का शिकार हो सकते हैं।
संक्रमित लोगों के संपर्क से कोरोना वायरस का फैलाव भी हो सकता है।

:: रोकथाम के नहीं हैं कोई उपाय

कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुये वैसे भी खाद्य पदार्थों को खूले में रखकर बेचने पर मनाही है। पर, बाजार में धड़ल्ले से इसका कारोबार जारी है।
सूत्र बताते हैं कि सामान्य दिनों में खाद्य निरीक्षण विभाग और वर्तमान कोरोना संकट में तो स्थानीय पुलिस-प्रशासन भी कार्रवाई कर सकती है।

रिपोर्ट – गौरी शंकर प्रसाद

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