समस्तीपुरःघरों में फिर शुरू हुई दादी-नानी की कहानियां

आजतक 24लाइव/एस.रमण

 

लॉक डाउन से घरों में रहने को अभ्यस्त होने लगे हैं बच्चे व बड़े- बुजुर्ग

 

समस्तीपुर/बिथानः-एक समय था जब घरों में दादी,नानी,अपने पोते व नातियों को पुरानी लोक कथाएं व ऐतिहासिक,रोचक कहानियां सुनाया करती थी।बदलते परिदृश्य के साथ इस वैज्ञानिक व तकनीकी युग में जहां हर रोज भागम भाग की स्थिति बनी है, में समय का अभाव था।ऐसे में दादी, नानी की कहानियां लगभग समाप्त ही हो गई थी।लेकिन कोरोना वायरस की वजह से पूरे देश में लोक डॉन की स्थिति में अब फिर से लोग दिन-रात घरों में रहने लगे हैं।बच्चे भी स्कूल नहीं जा रहे हैं।मनोरंजन का एकमात्र साधन टीवी है।जिस पर लोग कितनी देर समय बिताएं।आंख पर जोर पड़ने की वजह से उससे भी लोग दूर भागने लगे हैं।ऐसी स्थिति में घर में बैठी बूढ़ी दादी, नानी,मां,अपनी चाची,चाचा ,दादा पिताजी से फिर से ऐसी ही लोक गाथाएं ऐतिहासिक व रोचक कहानियां सुन रहे हैं।

 

 

उनके जमाने में गुजरी कुछ रोचक कहानियां बच्चों को बताई जा रही है,इससे उनका दिल भी बहल जा रहा है और समय भी कट जा रहा है। उधर लॉक डॉन की वजह से पुलिस के फेरे और चुश्ती से गांव की गलियां भी वीरान नजर आने लगा है।इससे लोग पूरी तरह अपने घरों में लॉक हो चुके हैं। उनके सामने घर में बैठकर घरों के काम निपटाने और मनोरंजन के अलावा दूसरा कुछ काम नहीं है। दिन भर कोरोना वायरस की चर्चा से लोग उबड़ चुके हैं।ऐसी ही कहानियां,उपन्यास की किताबें पढ़ना उनकी दिनचर्या में शामिल होने लगी है।यह एक अच्छी बात हुई है कि लोग पुराने दिनों को याद करने लगे हैं। इससे भी दिगर रह कि परिवार के बीच बैठना,प्यार बांटना और मिलजुलकर घर का काम निबटाना भी आसान हो गया है।

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