डिजिटल युग मे विलुप्त हो रही नाटक कला को पूर्णजीवित करने की मुहिम में आज भी जुटे हैं बजरंगलीनगर गांव के ग्रामीण

नाट्य कला परिषद द्वारा आयोजित दो दिवसीय नाट्य महोत्सव का समापन

Prince Dilkhush/Aajtak24live.in

डिजिटल युग मे विलुप्त हो रही नाटक कला को पूर्णजीवित करने की मुहिम में आज भी जुटे हैं बजरंगलीनगर गांव के ग्रामीण

– नाट्य कला परिषद द्वारा आयोजित दो दिवसीय नाट्य महोत्सव का समापन

– गरीबों को जीने दो तथा कुर्बानी रंग लाएगी नाटक में कलाकारों ने छोड़ी अपनी अमिट छाप

मुंगेर/संवाददाता

आज के इस आधुनिकता एवं ग्लैमर्स वाले दौर में जहां देश की पहचान कला संस्कृति एवं सभ्यता को हम भूलते जा रहे हैं,वही आज भी कुछ गांव और कस्बे हैं जहां के लोग अपनी परंपरा और सभ्यता के साथ विलुप्त हो रही नाटक कला को बचाए रखने की मुहिम चला रहे हैं।

वहीं सदर प्रखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत नौवागढ़ी दक्षिणी अंतर्गत ग्राम बजरंगबलीनगर में बसंत पंचमी के अवसर पर प्रतिवर्ष गांव के ग्रामीण एक जुट होकर दो दिवसीय नाटय महोत्सव का आयोजन करते है।साथ ही नाटक के माध्यम से समाज में फैली कुरीतियों तथा देशभक्ति पर आधारित नाटकों का मंचन कर लोगों को नाटक के प्रति प्रेरित करते हैं।वही कलाकारों के द्वारा अपनी कला का प्रस्तुति कर वाहवाही भी लूटते हैं।

इधर इस दो दिवसीय नाट्य महोत्सव के समापन में मुख्य अतिथि नौवागढ़ी दक्षिणी पंचायत की पंचायत समिति सदस्य प्रीति कुमारी तथा विशिष्ट अतिथि शिक्षक सुनील पासवान मुख्य रूप से उपस्थित थे।नहीं मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि का भव्य स्वागत नाटक कला परिषद के कलाकारों तथा आयोजन समिति के पदाधिकारियों के द्वारा अंग वस्त्र,बुके तथा माल्यार्पण कर किया गया।

दूसरी ओर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रीति कुमारी ने कहा कि एक तरफ जहां देश में नाटक कला विलुप्त होती जा रही है।वहीं बजरंगबलीनगर जैसे गांव में आज भी हम सभी ग्रामीण विलुप्त हो रही इस कला को बचाने की मुहिम चला रहे हैं। यह काबिले तारीफ है।विशिष्ट अतिथि सुनील पासवान ने कला संस्कृति एवं नाट्य कला पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नाट्य कला को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।समापन के दिन देशभक्ति पर आधारित नाटक कुर्बानी रंग लाएगी…,जिसमें अंग्रेजों के अत्याचार सहित गुलामी को कलाकारों ने बखूबी प्रस्तुत कर अपनी अमिट छाप छोड़ने में सफल रहे।

इसके पूर्व प्रथम दिन अमीरी और गरीबी पर आधारित गरीबों को जीने दो ….,नाटक का शानदार आगाज नाटय कला परिषद के कलाकारों के द्वारा किया गया।इस नाटक में अमीरी गरीबी के भेदभाव को तथा समाज में फैली कुरीतियों को कलाकारों ने बखूबी प्रस्तुत किया।इस दो दिवसीय नाट्य महोत्सव को सफल बनाने में निदेशक फेकन प्रसाद मंडल,उपनिदेशक जय किशोर मंडल,स्टेज निर्देशक रामजी कुमार रंजन उर्फ शहंशाह,सचिव जवाहर कुमार जहरीला,अध्यक्ष शिवप्रसाद सिंह शिव,कोषाध्यक्ष राजकुमार राज,उप सचिव मिथुन कुमार मिथुन,उपाध्यक्ष रणवीर कुमार राणा,सह कोषाध्यक्ष संजय कुमार तथा मंच संयोजक विनोद विश्वकर्मा ने अहम भूमिका अदा की।मौके पर सीता कुमारी,राहुल संजीव कुमार,अभिषेक कुमार,अमोद कुमार सहित बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण मौजूद थे।

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