एक माँ अपने चार – चार बेटे बेटियों को पाल लेती है पर चार पुत्र मिल एक माँ को नहीं पाल सकते है।

न्यूज डेस्क

एक माँ अपने चार – चार बेटे बेटियों को पाल लेती है पर चार पुत्र मिल एक माँ को नहीं पाल सकते है। अपने बच्चो के द्वारा घर से निकाले जाने के बाद पिछले पांच सालों से दर- दर की ठोकरें खा रही एक बुजुर्ग माँ की पथराई आँखें आज भी अपने बच्चो की राह देख रही है। वहीँ उनके बच्चे अब उस मां को घर से निकालने के बाद भूल चुके है। एक समाजसेवी उस माँ को न्याय दिलाने का उठाया बीड़ा।

तारापुर के उल्टा महादेव मंदिर के बहार भीख मान रही एक 76 वर्षीय वृद्ध महिला कोई भिखारी नहीं है। बल्कि वो एक माँ है जिसके बेटों ने उसे घर से निकला दिया और अब उसके जीवन यापन के लिए कोई चारा नहीं बचा तो उस बूढी माँ ने भीख मांग जीवन यापन करने में जुट गई। जानकारी के अनुसार तारपुरनिवासी 76 वर्षीय वृद्ध मसोमात महिला सुदामा देवी का एक भरापूरा परिवार है। परिवार में उसके दो बेटे अशोक मंडल और दिलीप मंडल के साथ दो बेटियों चुल्हिया देवी और आशा देवी है जिनकी शादी हो चुकी है और चार पोते है। और सभी तारापुर में ही अपने वयवसाई में लगे हुए है। कोई मछली के कारोबार से जुड़ा है तो कोई अन्य कामो से। पर आज से पांच साल पहले ही बेटों अपनी इस बूढी माँ का त्याग कर दिया। पीछे पांच साल बूढी माँ यहाँ वहां घूम – घूम के अपना जीवन बसर कर रही थी। पर अब उम्र के इस पड़ाव में बीमारी से ग्रसित हो महिला ने उल्टा महादेव एक गेट पर अपना डेरा डाल दिया और वहीँ भीख मांग जीवन यापन करने में जुट गई है। महिला की ये स्थिति है अब वो बोल नहीं पाती पर आज भी किसी बच्चो के बारे में वो बुरा नहीं सोंचती।
वहीँ विधिज्ञ संघ के पूर्व अध्यक्ष हरे कृष्ण वर्मा ने राह गुजरते सी महिला को देखा और उससे सारी बातों की जानकारी ली तो उसने उस वृद्ध महिला को न्याय दिलाने का बीड़ा उठाया। हरे कृष्ण वर्मा ने बताया की इस मामले को ले उस ने उस वृद्ध महिला के सारे बेटों और पोतों से बात कर ली पर किसी ने उसे अपने यहाँ रखने से साफ मना कर दिया। जिसके बाद उसने इस मामले को ले जिले के सारे वरीय अधिकारीयों को इस महिला की आप बीती लिख भेजी। और न्याय की गुहार लगाई है।

मामला अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के समक्ष भी लाया गया जिस पर एसडीपीओ रमेश कुमार ने इंस्पेक्टर रत्नेश जमादार तथा थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार को महिला के पुत्रों को बुलाकर समझाने तथा सम्मान पूर्वक महिला को उसके घर बच्चों के द्वारा ले जाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। ताकि महिला को परिवार का संरक्षण प्राप्त हो सके।

इस संबंध में जानकर बताते हैं कि सभी अनुमंडल में सरकार ने एक वृद्ध एवं माता पिता संरक्षण न्यायालय स्थापित किया है । जो विगत कई वर्षों से कार्यरत है। इसके अध्यक्ष अनुमंडल पदाधिकारी होते हैं । इसके सदस्य के रूप दो अपर लोक अभियोजक अथवा उनके अधिवक्ता प्रतिनिधि होते हैं। एक सम्मानित वृद्ध नागरिक भी सदस्य होते हैं। तारापुर में भी यह चार सदस्यीय कमिटी गठित है। वावजूद एक वृद्ध माँ अपने ही पुत्रो से प्रताड़ित हो रही है।

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