दिव्यांग मरूवन ने लिखी स्वच्छ्ता की दास्तान

 

 

 

 

दिव्यांग मरूवन ने लिखी स्वच्छ्ता की दास्तान

 

 

 

 

अमित कुमार सविता।

जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड अंतर्गत सबलबीघा पंचायत के बहरम्बा गावँ निवासी बासुदेव साव के पुत्र दिव्यांजन मरूवन साव ने अपने बुलंद हौसले से स्वच्छ्ता की दास्तान लिख डाली !
जी हाँ ऐसी एक कहानी मरूवन की है !मरुवन करीब पांच सालों से ट्राइ सायकिल के मदद से इतनी ठंड में भी अखबार लेकर सभी के घरों में पहुँच जाता है!उसी से उसका जीवकोपार्जन चलता है एक दिन मरुवन ने गावँ के स्वच्छताग्राही शुभम मिश्रा को आपबीती बताई की एक तो हम दोनों पैर से लाचार है जिससे घर मे शौचालय नही होने के कारण दूर कही खेत मैदान में शौच करने के लिए जाना पड़ता है स्वच्छताग्राही ने उसके बातो पर अमल कर लॉक डाउन में ही उसके घर मे शौचालय योजना की राशि से शौचालय निर्माण करा दी ,मरुवन बडा खुश नजर आया! मरुवन को एक विचार आया कि हम तो सुबह सुबह घर घर जाकर अखबार बेचते है तो क्यों नही घर मे शौचालय नही है उसके यहाँ जाकर मरुवन ने शौचालय निर्माण हेतु लोगो को जागरूक किया और सरकार द्वारा शौचालय निर्माण की अग्रिम राशि के बारे में जानकारी दी !कहते है ना एक कहावत में में मंजिल की खोज में आकेला निकल पड़ा पीछे देखा तो लोगो के कारवां भी चल पड़ा! देखते देखते उस गाँव मे सैकडो लोगो ने अपने घरों में शौचालय निर्माण कराई ! मरुवन के इस जागरूकता से स्वच्छ्ता के प्रखंड समन्वयक दिलजीत कुमार ,प्रखंड विकास पदाधिकारी वीणा कुमारी ने उसके जज्बे की सराहना की।आज मरुवन स्वच्छ्ता के नाम से जाना जाता है।मरुवन के स्वच्छता कार्यो से अभिभूत होकर चंद्रकांत फाउंडेशन ने उसे शॉल देकर सम्मानित भी किया ! अगर मरुवन जैसे लोग होने से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को सफल होने में ज्यादा देर नही लगेगी ! आखिर जरूरत है दृढ़ निश्चय व हौसलो की !इसी लिए तो कहा गया जहाँ सोच वहा शौचालय !

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