राजनीतिक साजिश के तहत रिपब्लिक भारत टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की हुई गिरफ्तारी :आईजेए

अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी लोकतंत्र के चौथे स्थान पर हमला: रंजीत विधार्थी

राजनीतिक साजिश के तहत रिपब्लिक भारत टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की हुई गिरफ्तारी :आईजेए

 

 

 

– 48 घंटे के अंदर अर्नब गोस्वामी की बाइज्जत रिहाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरेंगे मीडिया कर्मी

 

 

 

 

– अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी लोकतंत्र के चौथे स्थान पर हमला: रंजीत विधार्थी

 

 

 

 

– इंडियन जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन शाखा मुंगेर कमेटी ने बैठक कर पीएम व गृह मंत्री और डीएम को दिया अल्टीमेटम

 

 

 

मुंगेर : राजनीतिक साजिश के तहत रिपब्लिक भारत टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी महाराष्ट्र पुलिस के द्वारा किया गया है।जो कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है।लोकतंत्र को बचाने के लिए हम सभी पत्रकारो को बड़ी से बड़ी कुर्बानियां क्यों नहीं देना पड़े।हम सभी अर्णब गोस्वामी की बाइज्जत रिहाई के लिए सड़क से लेकर सदन तक चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।उक्त बाते इंडियन जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन मुंगेर जिला कमेटी की बैठक में विशिष्ट अतिथि के रूप से उपस्थित हुए एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष रणजीत विद्यार्थी ने कही। अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी तथा पत्रकारों पर बढ़ते अत्याचार के मुद्दे को लेकर गुरुवार को शहर के जैन धर्मशाला सभागार में आईजेए की बैठक आयोजित की गई।जिसकी अध्यक्षता लालमोहन महाराज ने किया।जबकि संचालन महासचिव केएम राज कर रहे थे।बैठक में एक स्वर से देश के जाने-माने पत्रकार अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी की घोर निंदा की गई तथा महाराष्ट्र पुलिस के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की गई।बैठक में उपस्थित पत्रकार अपने हाथों में अर्नब गोस्वामी को रिहा करो…,पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करो … तथा लोकतंत्र पर हमला करना बंद करो आदि नारे लगा रहे थे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

विशेष आमंत्रित वरिष्ठ पत्रकार संतोष सहाय ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि अर्णब गोस्वामी राजनीति के शिकार हुए हैं,जो कि घोर निंदा का विषय है। ऐसी स्थिति में पत्रकारों को गोलबंद होकर उनकी रिहाई के लिए आगे आना चाहिए।प्रमंडलीय अध्यक्ष डॉ शशिकांत सुमन ने कहा की आए दिन पत्रकारों पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है जो कि लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।पत्रकार संजीव सिंह ने कहां की राजनीतिक साजिश के तहत कई ऐसे मामले हैं जिसमें प्रशासन के द्वारा पत्रकारों को प्रताड़ित किया जा रहा है। जिसका जीता जागता उदाहरण अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी है।एसोसिएशन के कानूनी सलाहकार ओमप्रकाश पोद्दार ने अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया।जबकि अध्यक्षीय संबोधन में लालमोहन महाराज ने कहा कि अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी के मामले में जिला कमेटी चुप नहीं बैठेगी।साथ ही साथ स्थानीय मुद्दों को लेकर जल्द ही चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति बनाकर किया जाएगा।

 

 

 

 

 

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगले 48 घंटे के अंदर अगर अर्नब गोस्वामी को बाइज्जत रिहा महाराष्ट्र सरकार के द्वारा नहीं की जाती है तो शहर में आक्रोश मार्च निकालकर विरोध प्रकट किया जाएगा।साथ ही पीएम मोदी,गृह मंत्री अमित शाह,डीजीपी बिहार तथा मुंगेर की जिलाधिकारी रचना पाटिल को अर्नब गोस्वामी की रिहाई को लेकर पत्र भेजते हुए आक्रोश विरोध प्रदर्शन का अल्टीमेटम देने का निर्णय लिया गया। आगामी 9 नवंबर को जैन धर्मशाला से पत्रकारों का आक्रोश मार्च निकलेगी और डीएम कार्यालय पहुँच कर विरोध प्रकट की जाएगी।मौके पर जिला सचिव प्रिंस दिलखुश,मनीष कुमार,पुनीत सिंह,अभिषेक कुमार,राज पुष्कर,बिट्टू कुमार,संतोष कुमार,मो इम्तियाज,मो अतहर खान,ओमप्रकाश पोद्दार के अलावा बड़ी संख्या में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के मीडियाकर्मी उपस्थित थे।

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