प्रोफेसर डॉ. नीलिमा गुप्ता बनीं तिलकामाँझी भागलपुर विश्वविद्यालय की नयी कुलपति

(बिहार) : प्रोफेसर डॉ. नीलिमा गुप्ता बनीं तिलकामाँझी भागलपुर विश्वविद्यालय की नयी कुलपति

रिपोर्ट : प्रिंस दिलखुश

भागलपुर : प्रोफेसर डॉ. नीलिमा गुप्ता बनीं तिलकामाँझी भागलपुर विश्वविद्यालय की नयी कुलपति

डॉ गुप्ता फिलहाल छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर की कुलपति हैं।

12 महीने बाद तिलकामाँझी विश्वविद्यालय को मिला प्रभारी कुलपति से छुटकारा।

स्थाई कुलपति नहीं रहने के चक्कर में पीछे छूटता रहा विश्वविद्यालय।

शोध एवं अनुसंधान के लिए करीब पांच दर्जन अवार्ड से सम्मानित हैं नई कुलपति।

नवनियुक्त कुलपति एमजेपी विश्वविद्यालय रोहिलखंड में जंतु विज्ञान की थीं प्रोफेसर।

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय को प्रोफेसर डॉ नीलिमा गुप्ता के रूप में नया कुलपति मिल गया है।वहीं स्थायी कुलपति मिलने से अब करीब बारह महीने से प्रभारी कुलपति के भरोसे चल रहे विश्वविद्यालय को इससे छुटकारा मिल गया।शनिवार देर शाम राजभवन द्वारा डॉ नीलिमा गुप्ता को कुलपति के रूप में 3 साल के लिए नियुक्त करने की अधिसूचना जारी कर दी गयी है।डॉ नीलिमा गुप्ता वर्तमान में छत्रपति साहूजी महराज विश्वविद्यालय कानपुर में कुलपति के रूप में कार्यरत हैं।वे मूलरूप से यूपी के बरेली जिले की रहने वाली है।इनका चयन 34 वर्षों के शैक्षणिक अनुभव के आधार पर किया गया है।यही नहीं उन्हें करीब 44 वर्षों का अनुसंधान का भी अनुभव है।डॉ नीलिमा गुप्ता को शोध – अनुसंधान के लिए 60 से अधिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

नवनियुक्त कुलपति एमजेपी विश्वविद्यालय रोहिलखंड में जंतु विज्ञान की थीं प्रोफेसर

टीएमबीयू के नवनियुक्त कुलपति डॉ नीलिमा गुप्ता एमजेपी विश्वविद्यालय रोहिलखंड में जंतु विज्ञान की प्रोफेसर थीं।यहीं से इन्हें छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर में कुलपति बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। डॉ गुप्ता बरेली कॉलेज में बोर्ड ऑफ कंट्रोल की डायरेक्टर के साथ राष्ट्रपति द्वारा कार्य परिषद् केन्द्रीय विश्वविद्यालय, तमिलनाडु में नामित सदस्य हैं।वे यूके के उच्च शिक्षा मिशन की सदस्य एवं यूजीसी द्वारा नामित बोर्ड ऑफ गवरनर्स गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ग्रेटर नोयडा में नामित हैं। प्रतिभा के धनी डॉ गुप्ता की आठ पुस्तकें प्रकाशित हुई है| यही नहीं 200 से ज्यादा शोध पत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में भी प्रकाशित किए गये हैं।वहीं 200 से अधिक राष्ट्रीय और 45 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भी इन्होंने हिस्सा लिया है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में डॉ नीलिमा गुप्ता विशेषज्ञ हैं।

मिली जानकारी के अनुसार डॉ नीलिमा गुप्ता संयुक्त राज्य अमेरिका, मिस्र, अफ्रीका, कोस्टा रिका और भारत के कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं के एडिटर बोर्ड की सदस्य हैं| इसके साथ ही जूलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की उपाध्यक्ष हैं। नैक, यूजीसी यूपीएससी और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों की चयन समितियों में विशेषज्ञ का जिम्मा भी इन्हें मिला हुआ है।

स्थाई कुलपति मिलने पर टीएमबीयू में खुशी की लहर दौड़ गई।

डॉ नीलिमा गुप्ता को टीएमबीयू का कुलपति बनाने की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई।वहीं मनोविज्ञान के विभागाध्यक्ष एस एन चौधरी ,मारवाडी़ काँलेज गणित विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डाॅक्टर अरविन्द कुमार साह, डाॅ जगधर मंडल भुस्टा के महासचिव, प्रोफेसर शिव प्रसाद यादव अध्यक्ष शिक्षक संघ मारवाडी़ काँलेज,अतिथि व्याख्याता संघ के अध्यक्ष डॉक्टर आनंद आजाद सहित कई अधिकारी तो अधिकारी आम कर्मचारी और शिक्षाविद् भी कुलपति को सोशल मीडिया और दूरभाष के माध्यम से बधाई दे रहे हैं।

पूर्व कुलपति डॉ विभाष चन्द्र झा ने तीन माह में ही दे दिया इस्तीफा।

टीएमबीयू के पूर्व कुलपति डॉ विभाष चन्द्र झा ने नियुक्ति के करीब तीन माह बाद ही एकाएक इस्तीफा देकर हर किसी को चकित कर दिया था।

हालांकि पूर्व कुलपति ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने की बात कही थी लेकिन विश्वविद्यालय में इस्तीफा के लिए हर कोई अपनी ओर से अलग – अलग दलील दे रहे थे| इसके उपरांत विश्वविद्यालय पूर्व की भांति प्रभारी कुलपति के भरोसे चलने लगी थी| इस दौरान कई जरूरी कार्य स्थाई कुलपति के नहीं रहने से अधर में लटक रहा था।

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