बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में दो दिग्गज पत्रकार आजमाएंगे अपनी किस्मत

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में दो दिग्गज पत्रकार आजमाएंगे अपनी किस्मत

 

 

 

 

 

 

 

 

– मुंगेर एवं जमालपुर विधानसभा में चल रही है तैयारी

 

 

 

 

– राजनीतिक दलों से टिकट के लिए भी हो रही है कोशिश

 

 

 

 

– टिकट नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय मैदान में कूदने की भी संभावना

 

 

 

मुंगेर : बिहार विधानसभा चुनाव 2020 जैसे-जैसे नजदीक आते जा रही है वैसे वैसे विश्व नगरी का राजनीतिक तापमान भी बढ़ने लग गया है। भारतीय जनता पार्टी, जदयू ,राजद, कांग्रेस,एनसीपी तथा जन अधिकार मोर्चा सहित आदि दलों में टिकट को लेकर आपाधापी मची हुई है। सभी दलों में फिलहाल दर्जनभर संभावित उम्मीदवार मुंगेर से लेकर पटना रांची की परिक्रमा कर रहे हैं। इधर जो खबरें छनकर सामने आ रही है। वह यह कि जिले के दो दिग्गज पत्रकारों में शुमार रंजीत विद्यार्थी तथा लालमोहन महाराज भी आगामी विधानसभा चुनाव के मैदान में अपनी किस्मत आजमाने का मन बना लिया है। इन दोनों मीडिया कर्मियों के द्वारा राजनीतिक दलों के आकाओं से भी टिकट के लिए संपर्क साधा जा रहा है। टिकट नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भी मैदान में कूदने का दोनों ने ऐलान किया है। राजनीतिक जानकारों की माने तो इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष सह जिले के वरिष्ठ पत्रकार रंजीत विद्यार्थी जहां मुंगेर विधानसभा क्षेत्र से अपनी किस्मत आजमाएंगे, वहीं आईजेए के जिलाध्यक्ष लालमोहन महाराज जमालपुर विधानसभा सीट से ताल ठोकेंगे। विभिन्न राजनीतिक दलों तथा वर्तमान रसूखदारों के इन दोनों के आगामी विधानसभा चुनाव में उतरने की सूचना से कईयों की ब्लड प्रेशर हाय हो चुकी है। बताते चलें कि रंजीत विद्यार्थी का सामाजिक सरोकार से कई दशकों तक जुड़ा हो रहा है। मीडिया में काम करते हुए भी उन्होंने अपने क्षेत्र में कई ऐसे कार्य किए हैं जो आज भी प्रशंसनीय है। मुंगेर विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक केंद्र बिंदु माने जाने वाले नौवागढ़ी को स्वतंत्र प्रखंड का दर्जा, नौवागढ़ी मैदान की चारदीवारी का निर्माण, नौवागढ़ी में बालिका उच्च विद्यालय की स्थापना, नौवागढ़ी में रेफरल अस्पताल की स्थापना सहित आदि मुद्दों को लेकर रंजीत विद्यार्थी ने पिछले दो दशकों से संघर्ष करते रहे हैं । भागलपुर में शहीद हुए दारोगा अविनाश कुमार की स्मृति में शाहिद दरोगा अविनाश मेमोरियल अंतर राज्य फुटबॉल टूर्नामेंट का सफल आयोजन कर इन्होंने क्षेत्र में अपनी अलग छाप छोड़ी है। इसके अलावा क्षेत्र की समस्याओं के साथ-साथ जिले की प्रमुख समस्याओं को अपनी कलम के माध्यम से सत्ता एवं विपक्ष के समक्ष रखने में कभी भी इनकी कलम डगमगायी नहीं। सिवान में तैनात महिला सिपाही स्नेहा मंडल के मौत मामले में भी रंजीत विद्यार्थी ने अपनी कलम से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का कार्य करते रहें। एक सवाल के जवाब में इंडियन जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष सामाजिक कार्यकर्ता तथा युवा पत्रकार रंजीत विद्यार्थी ने ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से नौवागढ़ी को प्रखंड का दर्जा के नाम पर सभी दलों ने क्षेत्रवासियों को छलने का कार्य किया है। दो दो मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी आज तक नौवागढ़ी को स्वतंत्र प्रखंड का दर्जा नहीं मिल पाया है ।जो कि क्षेत्र की राजनीतिक उपेक्षा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रखंड के नाम पर सभी दल नौवागढ़ी के लोगो का वोट हासिल करते रहे हैं और जीतने के बाद सभी नेता अपना वादा किसी सपने की तरह विसार देते हैं। नौवागढ़ी क्षेत्रवासियों की राजनीतिक एवं प्रशासनिक उपेक्षा के विरोध में रंजीत विद्यार्थी का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है।

वही,धरहरा के वरिष्ठ पत्रकार लालमोहन महाराज जमालपुर विधानसभा में दो दशक से अधिक समय से पत्रकारिता करते आ रहे हैं। इनका भी सामाजिक जुड़ाव एवं राजनीतिक दलों से अच्छे संबंध रहे हैं। इन्होंने भी जमालपुर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की संभावना जताई है। संभावना के तहत लाल मोहन महाराज अपनी तैयारी में भी जुट चुके हैं। उन्होंने कहा कि जमालपुर विधानसभा क्षेत्र का जो विकास होना चाहिए था, वह आज तक नहीं हुआ। 1992 में लालमोहन महाराज धरहरा भाजपा प्रखंड उपाध्यक्ष से राजनीति की शुरुआत की थी। समता पार्टी के जिला महासचिव भी रहे। लोजपा में दलित सेना के जिलाध्यक्ष के साथ-साथ बीएसएनएल में सलाहकार समिति के सदस्य थे। वर्तमान समय में सामाजिक कार्यों के साथ-साथ अपनी कलम की धार से जमालपुर विधानसभा की समस्याओं को समय-समय को उठा कर रहे हैं।

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